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आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा कन्या को जन्म देने वाली माताओं का किया सम्मान
  • neemuchnews.com | Nov 15, 2017
नीमच -

गुरूनानक देव भी समानता के पक्षधर थे - ज्ञानी साजनसिंह 

समाज में त्याग बलिदान के प्रतीक गुरूनानक देव भी प्राचीनकाल में लड़का-लड़की की समानता के पक्षधर थे उन्होंने कहा था कि सभी महापुरूश भी स्त्री की कुक्षी से ही जन्म लेते है जब महापुरूश इतने महान होते है तो उन्हें जन्म देने वाली माता तो और अधिक आदरनीय होनी चाहिए आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा कन्या पूजन पर्व नवरात्रि पर्व से इस अभियान का षंखनाद किया गया है संस्था पदाधिकारी एवं इससे सहयोगी बने सभी लोग श्रद्धा एवं सम्मान के पात्र है गुरूनानक भी जन्म देने वाली माॅं को ही बड़ा मानते थे यह बात गुरूद्वारा नीमच के ज्ञानीजी साजनसिंह बेदी ने कही वे आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में मंगलवार को कुलदीपसिंह सलुजा के 50 वर्श में प्रवेष के उपलक्ष्य में 14 नवम्बर बाल दिवस पर जन्म देने वाली 11 कन्या की माताओं के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे उन्होंने कहां कि मंदिर मस्जिद बनाने के बजाय गरीब की झोपड़ी बनानें में सहायता करना आर्दष पुण्य परमार्थ सेवा कार्य है । कन्या हो लड़का दोनों परिवार को नाम रोषन करते हे गरीबी की सेवा महान ईष्वर सेवा सम्मान है जन्मदिन पर केक, अगरबत्ती आदि साम्रगी में व्यर्थ धन खर्च करने के बजाय किसी गरीब झोपड़ी में कन्या को जन्म देने वाली माॅं को उपहार साम्रगी पोश्टिक आहार देकर सम्मान करना प्राचीन ऋशि पुरातन भारतीय संस्कृति का परिचायक है समाजसेवी बाबुलाल गौड ने भी कन्या की माता के सम्मान के अभियान को आर्दष प्रेरणादायी सम्मान योग्य कदम बताया । कार्यक्रम संयोजक नपा ऐल्डरमेन आराध्य वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष श्रीमती मीनू लालवानी ने बताया कि अब तक 207 कन्या की माता का सम्मान किया जा चुका है अभियान निरन्तर जारी है सभी समाज एवं वर्गो द्वारा निरन्तर सहयोग मिल रहा है । इस अभियान से कन्या को जन्म देने वाली माता में आत्मविष्वास एवं नई ऊर्जा का संचार हो रहा है इस अवसर पर उर्मिला गौड़, चतरसिंह गेहलोत, महेन्द्र त्रिवेदी, विद्या त्रिवेदी, विषिश्ट अतिथि थे कार्यक्रम में चन्द्रप्रकाष मोमू लालवानी, कमलेष जायसवाल मामा, अभिशेक पगारिया, आनंद लोधा, सतीष गुप्ता, अर्जुनसिंह जायसवाल, लक्ष्मी प्रेमाणी, सिमि सलुजा, दिक्षा सलुजा, रानी पावा, ज्योति गोविन्दानी, त्रक्षा गोविन्दानी, छाया गोस्वामी, ज्योति ज्ञानानी,  छाया गोस्वामी, मदन चैहान मनासा, ज्योति ज्ञानानी, सत्येन्द्र राठौड सहित बड़ी संख्या में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे । इससे पूर्व कन्या को जन्म देने वाली 11 माता का मोती की माला, कन्या के परिधान, पोश्टिक आहार एक नकद राषि मिठाई प्रदान कर सम्मानित किया गया उपहार साम्रगी वितरण के बाद ज्ञानीजी द्वार अस्पताल में भर्ती सभी रोगियों के स्वास्थ्य कन्या की सुख समृधि एवं दीर्घायु यषस्वी जीवन के लिए सामुहिक मंगल प्रार्थना की अरदाज की गई ।  

 

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आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा कन्या को जन्म देने वाली माताओं का किया सम्मान

गुरूनानक देव भी समानता के पक्षधर थे - ज्ञानी साजनसिंह 

समाज में त्याग बलिदान के प्रतीक गुरूनानक देव भी प्राचीनकाल में लड़का-लड़की की समानता के पक्षधर थे उन्होंने कहा था कि सभी महापुरूश भी स्त्री की कुक्षी से ही जन्म लेते है जब महापुरूश इतने महान होते है तो उन्हें जन्म देने वाली माता तो और अधिक आदरनीय होनी चाहिए आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा कन्या पूजन पर्व नवरात्रि पर्व से इस अभियान का षंखनाद किया गया है संस्था पदाधिकारी एवं इससे सहयोगी बने सभी लोग श्रद्धा एवं सम्मान के पात्र है गुरूनानक भी जन्म देने वाली माॅं को ही बड़ा मानते थे यह बात गुरूद्वारा नीमच के ज्ञानीजी साजनसिंह बेदी ने कही वे आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में मंगलवार को कुलदीपसिंह सलुजा के 50 वर्श में प्रवेष के उपलक्ष्य में 14 नवम्बर बाल दिवस पर जन्म देने वाली 11 कन्या की माताओं के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे उन्होंने कहां कि मंदिर मस्जिद बनाने के बजाय गरीब की झोपड़ी बनानें में सहायता करना आर्दष पुण्य परमार्थ सेवा कार्य है । कन्या हो लड़का दोनों परिवार को नाम रोषन करते हे गरीबी की सेवा महान ईष्वर सेवा सम्मान है जन्मदिन पर केक, अगरबत्ती आदि साम्रगी में व्यर्थ धन खर्च करने के बजाय किसी गरीब झोपड़ी में कन्या को जन्म देने वाली माॅं को उपहार साम्रगी पोश्टिक आहार देकर सम्मान करना प्राचीन ऋशि पुरातन भारतीय संस्कृति का परिचायक है समाजसेवी बाबुलाल गौड ने भी कन्या की माता के सम्मान के अभियान को आर्दष प्रेरणादायी सम्मान योग्य कदम बताया । कार्यक्रम संयोजक नपा ऐल्डरमेन आराध्य वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष श्रीमती मीनू लालवानी ने बताया कि अब तक 207 कन्या की माता का सम्मान किया जा चुका है अभियान निरन्तर जारी है सभी समाज एवं वर्गो द्वारा निरन्तर सहयोग मिल रहा है । इस अभियान से कन्या को जन्म देने वाली माता में आत्मविष्वास एवं नई ऊर्जा का संचार हो रहा है इस अवसर पर उर्मिला गौड़, चतरसिंह गेहलोत, महेन्द्र त्रिवेदी, विद्या त्रिवेदी, विषिश्ट अतिथि थे कार्यक्रम में चन्द्रप्रकाष मोमू लालवानी, कमलेष जायसवाल मामा, अभिशेक पगारिया, आनंद लोधा, सतीष गुप्ता, अर्जुनसिंह जायसवाल, लक्ष्मी प्रेमाणी, सिमि सलुजा, दिक्षा सलुजा, रानी पावा, ज्योति गोविन्दानी, त्रक्षा गोविन्दानी, छाया गोस्वामी, ज्योति ज्ञानानी,  छाया गोस्वामी, मदन चैहान मनासा, ज्योति ज्ञानानी, सत्येन्द्र राठौड सहित बड़ी संख्या में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे । इससे पूर्व कन्या को जन्म देने वाली 11 माता का मोती की माला, कन्या के परिधान, पोश्टिक आहार एक नकद राषि मिठाई प्रदान कर सम्मानित किया गया उपहार साम्रगी वितरण के बाद ज्ञानीजी द्वार अस्पताल में भर्ती सभी रोगियों के स्वास्थ्य कन्या की सुख समृधि एवं दीर्घायु यषस्वी जीवन के लिए सामुहिक मंगल प्रार्थना की अरदाज की गई ।  

 




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